Custom Event Setup

×

Click on the elements you want to track as custom events. Selected elements will appear in the list below.

Selected Elements (0)
    सामग्री पर जाएं
    Learn Krishna Janmashtami 2026 date, fasting rules, puja vidhi, Krishna mantras, significance, benefits and book Online Krishna Puja to seek Lord Krishna's blessings for happiness, prosperity, health and family well-being.

    कृष्ण जन्माष्टमी 2026: तिथि, पूजा विधि, व्रत, मंत्र, महत्व और ऑनलाइन कृष्ण पूजा गाइड

    कृष्ण जन्माष्टमी 2026 – संपूर्ण गाइड

    🌸 कृष्ण जन्माष्टमी क्या है?
    कृष्ण जन्माष्टमी भगवान विष्णु के आठवें अवतार, भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। भक्त शांति, समृद्धि, खुशी और दैवीय आशीर्वाद पाने के लिए उपवास रखते हैं, कृष्ण पूजा करते हैं, पवित्र मंत्रों का जाप करते हैं और पूर्ण भक्ति के साथ उत्सव मनाते हैं।


    📅 कृष्ण जन्माष्टमी 2026 की तिथि और पूजा का समय
    त्यौहार की तिथि: शुक्रवार, 4 सितंबर, 2026
    अष्टमी तिथि प्रारंभ: 4 सितंबर, 2026 – 02:25 AM
    अष्टमी तिथि समाप्त: 5 सितंबर, 2026 – 12:13 AM
    निशिता पूजा मुहूर्त: 11:57 PM (4 सितंबर) – 12:43 AM (5 सितंबर)


    🪔 जन्माष्टमी पूजा विधि (चरण-दर-चरण)
    चरण 1
    अपने घर को साफ करें और पूजा स्थल तैयार करें।
    चरण 2
    लड्डू गोपाल या भगवान कृष्ण की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
    चरण 3
    पूजा स्थल को फूलों, रंगोली, दीपों और मोर पंखों से सजाएं।
    चरण 4
    पंचामृत, मक्खन, मिश्री, दूध, फल, तुलसी के पत्ते और मिठाइयों का भोग लगाएं।
    चरण 5
    दूध, दही, शहद, घी, चीनी और पवित्र जल का उपयोग करके अभिषेक करें।
    चरण 6
    ॐ नमो भगवते वासुदेवाय या हरे कृष्ण महामंत्र का जाप करें।
    चरण 7
    श्रीमद्भगवद्गीता या श्री कृष्ण कथा का पाठ करें।
    चरण 8
    आधी रात को आरती करें और भोग लगाएं।
    चरण 9
    स्वास्थ्य, खुशी, समृद्धि, पारिवारिक सामंजस्य, ज्ञान और आध्यात्मिक उन्नति के लिए प्रार्थना करें।

    शक्तिशाली कृष्ण मंत्र
    ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
    ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
    हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे । हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे ॥
    हरे कृष्ण महामंत्र
    ॐ क्लीं कृष्णाय नमः
    ॐ क्लीं कृष्णाय नमः
    ॐ श्री कृष्णाय नमः
    ॐ श्री कृष्णाय नमः
    ॐ देवकीनन्दनाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो कृष्णः प्रचोदयात्॥
    कृष्ण गायत्री मंत्र


    कृष्ण मंत्रों के जाप के पारंपरिक लाभ
    भगवान कृष्ण का दैवीय आशीर्वाद प्राप्त करना
    शांति, खुशी और सकारात्मकता लाना
    ज्ञान और आध्यात्मिक विकास को प्रेरित करना
    भक्ति को मजबूत करना
    मानसिक शांति और आंतरिक शक्ति को बढ़ावा देना
    पारिवारिक सामंजस्य और समृद्धि को प्रोत्साहित करना
    जीवन की यात्रा में सफलता में सहायता करना
    ध्यान और आध्यात्मिक एकाग्रता को बढ़ाना
    ये लाभ पारंपरिक हिंदू मान्यताओं और भक्ति प्रथाओं पर आधारित हैं।

    🙏 जन्माष्टमी व्रत क्यों रखें?
    जन्माष्टमी का व्रत भगवान कृष्ण के प्रति प्रेम व्यक्त करने के लिए पूरी श्रद्धा के साथ रखा जाता है। भक्तों का मानना है कि यह अनुशासन, आंतरिक शांति, कृतज्ञता और आध्यात्मिक संबंध विकसित करने में मदद करता है, साथ ही एक खुशहाल और समृद्ध जीवन के लिए दैवीय आशीर्वाद प्राप्त होता है।


    📿 ऑनलाइन कृष्ण पूजा
    यदि आप मंदिर नहीं जा सकते हैं, तो आप ऑनलाइन कृष्ण जन्माष्टमी पूजा बुक कर सकते हैं। अनुभवी वैदिक पंडित व्यक्तिगत संकल्प के साथ प्रामाणिक अनुष्ठान करते हैं, जिससे दुनिया भर के भक्त भाग ले सकते हैं और भगवान कृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।


    🌺 निष्कर्ष
    कृष्ण जन्माष्टमी 2026 को पूर्ण भक्ति के साथ मनाएं, जिसमें जन्माष्टमी व्रत का पालन, उचित कृष्ण पूजा विधि का अनुसरण, कृष्ण मंत्रों का जाप और ऑनलाइन कृष्ण पूजा में भाग लेना शामिल है। भगवान कृष्ण आपको स्वास्थ्य, खुशी, समृद्धि, सफलता, ज्ञान और शांति का आशीर्वाद दें।

    नवीनतम पोस्ट

    अपडेट रहें

    कार्ट (0)

    आपकी कार्ट अभी खाली है

    विशलिस्ट

    हाल ही में देखे गए